भारत देश में कई प्रकार के त्योहार मनाए जाते हैं जिसमें एक विश्वकर्मा पूजा होती है। इस त्यौहार को पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। भगवान विश्वकर्मा की पूजा शिल्प कला इंजीनियरिंग वास्तु कला और तकनीकी ज्ञान की प्राप्ति के लिए की जाती है जो लोग विशेष रूप से कारीगरी इंजीनियरिंग मशीन कर्मचारी उद्योग से जुड़े हुए लोग दुकानदार और व्यवसाय करने वाले लोग इस दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा करते हैं। विश्वकर्मा पूजा वाले दिन लोग अपने उपकरण औजार मशीन कार्य स्थल की साफ सफाई करते हैं और उनकी सुरक्षा की कामना करते हैं यह कोई धार्मिक पर्व नहीं है बल्कि कौशल तकनीक और रचनात्मक का प्रतीक है।
भगवान विश्वकर्मा कौन है

भारतीय रीति रिवाज के अनुसार माना जाता है कि वह शिल्पकार और दिव्या वास्तुकार है वह अद्भुत निर्माण कला और वास्तुकला के जाता है। भगवान विश्वकर्मा ने देवताओं के लिए महलों नगरों सुंदर भवनों का निर्माण किया था।
भगवान विश्वकर्मा को निर्माण व शिल्प के देवता के रूप में पूजा जाता है क्योंकि उनका संबंध कई दिव्य निर्माण कार्य मैं बताया गया है पुराने समय में जो लोग इंजीनियरिंग कारीगर मैकेनिक और तकनीकी से जुड़े हुए होते थे वह भगवान विश्वकर्मा की पूजा करते थे
विश्वकर्मा की पूजा का महत्व
भगवान विश्वकर्मा को श्रम और कौशल के सम्मान के साथ जोड़ा जाता है। काम करने वाली जगह पर कारखाने और व्यवसाय के साथ-साथ कर्मचारियों की मेहनत भी महत्वपूर्ण होती है। भगवान विश्वकर्मा की पूजा वाले दिन सभी लोग अपने औजारों मशीनों और वस्तु को कामना करवा कर उनकी पूजा करते हैं और भगवान विश्वकर्मा से कामना करते हैं कि उनकी मशीन सही तरह से चलती रहे।
भगवान विश्वकर्मा जी की पूजा कब मनाई जाती है
भगवान विश्वकर्मा जी की पूजा सितंबर के महीने में आती है इस दिन सभी लोग अपने उद्योग कारखाने दुकानों और कार्यालय में विशेष पूजा का कार्यक्रम आयोजित करते हैं। हर साल इसकी पूजा की तारीख अलग-अलग दिन आती है क्योंकि इसकी तारीख सूर्य की संक्रांति पर आधारित होती है इसलिए पूजा स्थानीय पंचांग के अनुसार करी जाती है।
विश्वकर्मा जी की पूजा में क्या-क्या तैयारी करनी चाहिए
भगवान विश्वकर्मा की पूजा से पहले आपको सबसे पहले अपनी वर्कशॉप दुकान कार्यालय कारखाने आदि जगाओ की सफाई करनी चाहिए उपकरणों को साफ करना चाहिए। इसके बाद आप भगवान विश्वकर्मा जी की प्रतिमा स्थापित कर सकते हैं। पूजा वाले स्थान को अच्छे से साफ सफाई करके उसे फूल और रंगोली से सजाना चाहिए पूजा के लिए फूल फल धूप और अन्य सामग्री तैयार करनी चाहिए।
पूजा की विधि
सभी जगह पर भगवान विश्वकर्मा पूजा की विधि अलग-अलग होती है। गांव पर भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर प्रतिमा लगाकर उनकी पूजा की जाती है। सबसे पहले सभी जगह की सफाई की जाती है। उसके बाद विश्वकर्मा जी को फल फूल मिठाई आदि चीज अर्पित की जाती है। और धूप बत्ती और ज्योति जलाकर उनकी आरती की जाती है। इसके बाद आपके इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की पूजा की जाती है उनको सुरक्षित रखने की कामना की जाती है पूजा की विधि खत्म होने के बाद सभी को प्रसाद बांटा जाता है और और सामूहिक भोजन का कार्यक्रम किया जाता है।
दुकान और कार्यालय के लिए महत्व
दुनिया भर में सभी लोग विश्वकर्मा की पूजा करते हैं चाहे उनके उद्योग बड़े-बड़े हो या फिर छोटी-छोटी दुकान हो छोटे दुकानदार इलेक्ट्रीशियन वेल्डर कारीगर मैकेनिक लोहार ऑपरेटर कारपेंटर सभी लोग इस पर्व को श्रद्धा के साथ मनाते हैं। किसी भी व्यक्ति के लिए उसके काम करने वाले औजार सबसे महत्वपूर्ण होते हैं इसीलिए वह अपने औजारों की पूजा करता है और उनकी सुरक्षा की कामना करता है।
आज के समय में विश्वकर्मा की पूजा
आज दुनिया भर में कई प्रकार की तकनीकी बढ़ती जा रही हैं पर इससे भगवान विश्वकर्मा पूजा का महत्व कम नहीं हुआ है। बल्कि यह पर्व और भी लोकप्रिय होता जा रहा है। यह पर्व मनुष्य के ज्ञान कौशल और मेहनत को बढ़ा रहा है आज कई जगहों पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कंप्यूटर मशीन आधुनिक तकनीकी की भी पूजा की जाती है।