
आचरण
आपके काम करने के तौर तरीके को आचरण कहा जाता है पर्सनैलिटी डेवलपमेंट मे आचरण शब्द से तात्पर्य है कि आप अपना इस्तेमाल किस तरह करते हैं जहां तक आचरण का सवाल है आप दूसरों से किस तरह पेश आते हैं एक व्यक्ति का आचरण उसकी उदारता विनम्रता और गुना पर निर्भर करता है अच्छे आचरण के बहुत सारे पहलू है जिसे हम कई तरह से देख सकते हैं
शिष्टाचार
शिष्टाचार का मतलब होता है आप किसी व्यक्ति से उचित या विनम्र तरीके से व्यवहार करें क्योंकि शिष्टाचार समाज में सदियों पहले आ चुका है और यह आचरण से एक कदम ऊपर है पर्सनैलिटी डेवलपमेंट मे शिष्टाचार के लिए विभिन्न प्रकार की श्रेणियां बनाई गई है जिसका आप उल्लंधन बिल्कुल नहीं कर सकते इसका असली मतलब है महिला और पुरुषों के बीच समानता मुसीबत में फंसे लोगों की मदद करना बच्चों के साथ अच्छे से पेश आना और दुनिया में सभी व्यक्ति को समान अधिकार प्राप्त है
रीति रिवाज
रीति रिवाज समाज में कार्य करने का एक तरीका होता है जैसे किसी को उपहार देना रीति रिवाज किसी मांग की तरह होता है कि उसे व्यक्ति को यह काम करना है यह कहना जरूरी नहीं है कि रीति रिवाज समाज में किसी व्यक्ति की व्याख्या करते हो उसे समाज का हिस्सा हो रीति रिवाज किसी व्यक्ति के पालन पोषण के तौर तरीके में झलकता है रीति रिवाज किसी व्यक्ति के कद को ऊंचा करने में मदद करता है ना कि अपनी नजर में बल्कि अपने सहयोगियों समाज की नजर में
जीवन में अच्छा आचरण क्यों जरूरी है
अगर आप लोगों की नजरों में अपनी पर्सनैलिटी डेवलपमेंट अच्छी करना चाहते हैं तो आपको छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना होगा जैसे बीच सड़क पर न चलना बस में अगर कोई महिला खड़ी हो तो उसे अपनी सीट देना दूसरों के सामने अच्छे से पेश आना सामने खड़े व्यक्ति के साथ विनम्रता से बातचीत करना अपने से बड़े लोगों का सम्मान करना इसी छोटी बातों से आपका आचरण अच्छा बनता है जिससे आप लोगों की नजरों में बहुत अच्छे इंसान बन जाते हो
सिर्फ नियमों का पालन करना ही अच्छे आचरण का आशय नहीं है बल्कि दूसरे व्यक्तियों के प्रति सम्मान का प्रदर्शन है मान लीजिए अगर आपने किसी महिला के लिए दरवाजा खोला तो यह जरूरी नहीं है कि आपको ही वह दरवाजा खोलना है यह आपकी उदारता दिखता है जिससे आप सामने वाले की नजर में विशेष हो जाते हैं
आचरण के कुछ अन्य मुद्दे

अगर आप किसी महिला से ठीक से बात नहीं करते कोई महिला आपसे बात कर रही हो तो उसकी बातों को नजर अंदाज कर देते हो बीच में टोका टाकी करना अपने साथियों के साथ उसका परिचय ना करवाना महिला के साथ चलने के बजाय उससे दो कदम आगे चलना इस तरह के आचरण को गलत माना जाता है क्योंकि यह आचरण आपको घमंडी और दूसरों पर ध्यान न देने वाला व्यक्ति बनाता है
आप में व्यक्तिगत सम्मान बिल्कुल भी नहीं है कभी-कभी ऐसा होता है कि व्यक्ति अपने आप यह नहीं करता बल्कि उससे गलती से हो जाता है क्योंकि लोगों का ध्यान इस और नहीं होता वह कुछ और सोचने लगता है और सामने खड़े व्यक्ति पर ध्यान नहीं दे पता है इसे हम कुछ उदाहरण की मदद से समझ सकते हैं
पर्सनैलिटी डेवलपमेंट मे आचरण क्यों जरूरी है
कभी भी कहीं भी थूकना
अपने मालिक को आखिरी समय में अपनी छुट्टी के बारे में बताना
अगर आपके दोस्त रिश्तेदार भोजन कर रहे हो उसी समय उनसे मिलने जाना
आपको किसी बैठक या फंक्शन में जाना और आपको देरी हो जाना इसके कारण दूसरों पर गुस्सा करना
अगर आप कोई किताब या अखबार पढ़ रहे हो और उसे उल्टी सीधी जगह फेंक देना
गाड़ी का होरन बजाना या फिर तेज आवाज में संगीत चलाना
अपनी क्षमताओं के बारे में बातचीत करने के दौरान कर्मियों पर चर्चा करना
रास्ते में चलते हुए खाते पीते कहीं भी कूड़ा फेंक देना
पर्सनैलिटी डेवलपमेंट मे परिचय कैसे होता है
आज के समय में दो अनजान व्यक्ति अपना परिचय खुद कर लेते हैं और बातचीत से अपनी मित्रता बढ़ाते हैं दोनों एक दूसरे से वाकिफ हो जाते हैं पर कुछ जगह ऐसी होती है जहां पर कई मौके पर परिचय कराना जरूरी हो जाता है जैसे डांस में अगर ऐसा व्यक्ति जो दो लोगों को जानता हो और उनका आपस में परिचय ना हुआ हो तो परिचय करवाता है दोनों एक दूसरे से वाकिफ हो जाए जिससे एक खुशनुमा माहौल बने और वह आपस में अच्छी बातचीत हो जाए अगर आप किसी पार्टी में जाते हैं अगर आपका मित्र आपके रिश्तेदारों को नहीं जानता है तो आपको उनका परिचय करवाना चाहिए
अगर आपका कोई दोस्त आ जाए और वह आपके परिवार को नहीं जानता हो तो आपको अपने परिवार से अपने दोस्त का परिचय करवाना चाहिए नहीं है जरूरी नहीं की आपको अपने मित्र का परिचय हर किसी से कराया जाए बल्कि आप अपने खास रिश्तेदार और अपने परिवार से उसका परिचय कर सकते हैं
परिचय का शिष्टाचार कुछ इस प्रकार है
सभी लोगों का महिलाओं से परिचय करना जरूरी होता है
अगर कोई गैर शादीशुदा है तो उसका परिचय शादीशुदा लोगों से करवा सकते हैं
चाहे महिला हो या पुरुष उनका परिचय सभी लोगों से कराया जा सकता है
अगर आप अपने मित्र का परिचय किसी शादीशुदा से करवाते हैं तो आपको सबसे पहले परिचय महिला से करवाना चाहिए
आप जूनियर का परिचय सीनियर से करवा सकते हैं और बुजुर्ग का परिचय युवाओं से करवा सकते हैं