गणेश चतुर्थी का त्यौहार भारत देश में बनाया जाता है| यह हिंदू का सबसे प्रमुख त्यौहार होता है| गणेश चतुर्थी का त्यौहार को भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है| भगवान गणेश को सौभाग्य का देवता बुद्धि ज्ञान सुख समृद्धि आदि के रूप में देखा जाता है| किसी भी शुभ काम को करने से पहले गणेश भगवान जी की पूजा की जाती है| भारत देश में इस त्यौहार को सभी स्थानों पर मनाया जाता है| लोग भगवान गणेश की प्रतिमा को अपने घर में लाते हैं उनकी पूजा अर्चना करते हैं| भजन कीर्तन करते हैं और अपनी सुख समृद्धि और शांति के लिए भगवान से प्रार्थना करते हैं|
गणेश चतुर्थी का त्यौहार कब मनाया जाता है?

यह त्योहार हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है| यह त्योहार अगस्त और सितंबर के महीने में आता है| गणेश चतुर्थी का स्थान पर कई दिनों तक चलता है और अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान गणेश की प्रतिमा को विसर्जन करके इसका समापन किया जाता है|
गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश जी की प्रतिमा को भक्त अपने घर पर स्थापित करते हैं| उनकी पूरी विधि विधान के साथ पूजा की जाती है उन्हें फूल, फल और विशेष रूप से लड्डू चढ़ाए जाते हैं|
भगवान गणेश का क्या महत्व है
भगवान गणेश को हिंदू धर्म में बहुत बड़ा स्थान प्राप्त है| भगवान गणेश का शरीर इंसानों जैसा होता है और सर हाथी जैसी होती है| जो इस बात का सीख देती है कि बड़ा सर बुद्धि और समझ का प्रतीक माना जाता है| और बड़े कान अधिक सुनने की सीख देते हैं और उनकी छोटी-छोटी आंखें एकाग्रता का संदेश देती है|
भगवान गणेश को विघ्नहर्ता माना जाता है| भारत देश में उन्हें सभी मुसीबत को दूर करने वाले देवता माने जाते हैं| इसलिए भारत देश में लोग व्यापार, विवाह और गृह प्रवेश करने से पहले भगवान गणेश की पूजा करते हैं|
गणेश जी को लड्डू क्यों अच्छे लगते हैं
भगवान गणेश को मोदक विशेष रूप से पसंद थे| भगवान गणेश का प्रिया भोग मोदक ही है| महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी के दौरान मोदक सबसे ज्यादा लोकप्रिय है|
पूजा की विधि
लोग सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं| अपने पूरे घर की सफाई करते हैं पूजा वाले स्थान की भी सफाई करते हैं| इसके बाद भगवान गणेश को अच्छे से सजाकर उन्हें स्थापित करते हैं| भगवान गणेश की पूजा मैं लोग उन्हें फल, मिठाई, लड्डू आदि बहुत चढ़ाते हैं इसके बाद भगवान गणेश की आरती की जाती है और पूरा परिवार मिलकर भगवान गणेश से सुख शांति की प्रार्थना करता है| कई लोग पूरे उत्सव के दौरान रोज भगवान गणेश की पूजा करते हैं|
महाराष्ट्र में गणेश उत्सव क्यों फेमस है
महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी का त्यौहार बहुत बड़े रूप में मनाया जाता है| गणेश चतुर्थी वाले दिन लोग गणेश की मूर्तियों को अपने घरों में लाकर उनकी पूजा करते हैं| और इसके अलावा भगवान गणेश की बड़ी-बड़ी मूर्तियां को बनाया जाता है| बड़ी संख्या में लोग उनकी मूर्ति की पूजा करने जाते हैं|
गणेश विसर्जन
गणेश चतुर्थी के अंतिम चरण में भगवान गणेश जी का विसर्जन किया जाता है| इस दिन सभी भक्त श्रद्धा के साथ गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन करते हैं और इसी दौरान भगवान गणेश जी के भजन और उनके जयकारे लगाए जाते हैं|
गणेश चतुर्थी में हमें पर्यावरण का ध्यान रखना चाहिए
गणेश चतुर्थी के समय हमें पर्यावरण का ध्यान रखना चाहिए लोग प्लास्टर ऑफ पेरिस जैसी सामग्री का इस्तेमाल करते हैं| जिसके कारण जल में नकारात्मक प्रभाव पड़ता है इसलिए कई लोग मिट्टी से बनी हुई मूर्ति को लेकर आते हैं जिसे पर्यावरण अनुकूल रहे| भगवान गणेश की प्रतिमाओं को अपने से धार्मिक भावना पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी मजबूत रहता है भगवान गणेश जी की पूजा में कम प्रदूषण वाले सजावट के समान को अपनाना अच्छा रहता है|
गणेश चतुर्थी में सामाजिक महत्व
गणेश चतुर्थी का त्यौहार धार्मिक रूप से मनाया जाता है| इस दिन लोग एकजुट होकर भाईचारे का पर्व मनाते हैं अलग-अलग समुदाय के लोग और परिवार मिलकर इस उत्सव में भाग लेते हैं| भारत में कई स्थानों पर गणेश उत्सव के दौरान भजन प्रतियोगिताएं सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं| कुछ लोग रक्तदान स्वच्छता आदि गतिविधियां करते हैं इस तरह के त्योहार समाज में सेवा की भावना को बढ़ावा देते हैं|
गणेश चतुर्थी का बच्चों में महत्व बच्चे भगवान गणेश की कहानी को सुनते हैं और उनकी पूजा में भाग लेते हैं| गणेश चतुर्थी के दिन घरों में सजावट करते हैं और स्कूलों में भी भगवान गणेश की चित्र को बनाते हैं| वह भगवान गणेश की कहानी सुनते हैं और उन पर निबंध लिखते हैं इसी तरह बच्चों को भारतीय संस्कृति की जानकारी प्राप्त होती है|