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पर्सनैलिटी डेवलपमेंट पार्ट 5 : How to Develop an Impressive Personality

आपके ऑफिस में आपका व्यवहार कैसा होना चाहिए


अपने जीवन का एक तिहाई भाग अपने ऑफिस या दफ्तर में बिताते हैं हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आपके ऑफिस में आपके साथ काम करने वाले कर्मचारी है उनसे कैसे व्यवहार रखना चाहिए।

पर्सनैलिटी डेवलपमेंट
पर्सनैलिटी डेवलपमेंट


आपको अपने काम करने वाले कर्मचारियों के साथ अच्छे से पेश आना चाहिए उनके साथ मित्रतापूर्वक व्यवहार करना चाहिए इससे आपके ऑफिस और दफ्तर में आपकी पर्सनालिटी अच्छी बनी रहती है। आपको अपने साथ काम कर रहे कर्मचारियों के साथ बोसगिरी नहीं दिखानी चाहिए इससे लोग आपको बुरा समझने लगते हैं।

अगर आप किसी ऑफिस में नए-नए जाते हैं तो वहां पर आपको काम कर रहे सभी कर्मचारियों के साथ मित्रता पूर्वक व्यवहार करना चाहिए। आपको उन्हें सबसे पहले अपना नाम बताना चाहिए और आपको उनसे अपना नाम पूछना चाहिए। उसके बाद अपनी बातचीत आगे कर सकते हैं। यदि आप किसी ऑफिसर दफ्तर में काम करने जाते हैं तो आपको वहां पर समय से पहुंचना चाहिए। अगर आप वहां पर लेट पहुंचते हैं तो आप लोगों की नजरों में गिर जाते हैं। अगर आप किसी कारण लेट हो रहे हैं तो आप समय से पहले कॉल करके अपने बॉस को जरूर बताइए।

दरवाजे और लिफ्ट


अगर किसी वरिष्ठ व्यक्ति को आप अपना ऑफिस दिखा रहे हैं तो आप हमेशा उनके आगे चलिए क्योंकि उन्हें पता नहीं होता कि किस तरफ जाना है वह गलती से उसे रास्ते मुड़ सकता है जो आपके लिए शर्मनाक की स्थिति पैदा कर दे।

जब आप दरवाजे के पास पहुंचे तब उसे पहले आप ही खोलें और तब तक खोल रह जब तक वह दरवाजा से निकल ना जाए और आप दरवाजा बंद करने से पहले यह भी देख ले पीछे कोई रहे तो नहीं गया है। अगर कोई व्यक्ति आपके लिए दरवाजा खोलता है तो आप उसको धन्यवाद करिए अगर किसी व्यक्ति के हाथ में समान है तो आप उसका सामान उठाने में उसकी मदद करिए बिना यह देखें कि वह स्त्री है।

यदि आप मेजबान है तो आप मेहमानों के लिए पहले दरवाजे खोले ताकि वह आराम से अंदर आ सके। यदि आप लिफ्ट का इस्तेमाल कर रहे हो और आप सबसे पहले लिफ्ट में चढ़ जाते हैं तो लिफ्ट का दरवाजा तब तक खुला रखें जब तक सब लोग लिफ्ट के अंदर नहीं चढ़ जाते सभी लोगों के लिफ्ट के अंदर चढ़ने के बाद आप लिफ्ट का दरवाजा बंद कर सकते हैं।

आप अपने काम करने वाली जगह पर सभी सहयोगियों और सीनियर के साथ अच्छे संबंध बनाकर रखिए आप ना तो उनसे ज्यादा करीबी रिश्ता रखिए और ना ही अकडू की तरह ज्यादातर ऑफिस में सभी कर्मचारी एक दूसरे को नाम से बुलाते हैं आप इसी परंपरा को अपने ऑफिस में इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर कोई आपसे उम्र में बड़ा है या फिर आपका सीनियर है तो उन्हें मिस्टर मिसेज या मिस का कर बुलाए। यदि आपके ऑफिस में कोई कर्मचारी परेशानी में फसता है तो आपको उसकी मदद करनी है।

अगर आप किसी की मदद करते हैं तो उसका फायदा उठाने की कोशिश ना करें आप अपने ऑफिस में अपने बॉस के साथ अच्छे संबंध बनाकर रखिए अगर आपके संबंध आपके बॉस के साथ अच्छे होते हैं तो सब लोग आपको पसंद करते हैं। कुछ लोग इस बात से सहमत नहीं होंगे लेकिन सामाजिक रूप से स्वीकार्य दायरे में यदि आप अपने बॉस की खुशामद करते हैं तो यह कोई पाप नहीं होता है अगर आपके ऑफिस में कोई आपका जूनियर है तो आप उनसे अच्छे से बात करिए। आप मुझे छोटा समझकर उसके ऊपर बोसगिरी ना दिखाइए यह आपकी पर्सनालिटी को खराब करता है आप अपने जूनियर से प्यार से बात करिए।

बैठक और व्यवस्था


सदस्यों को बैठक के एजेंडा संबंधी एक प्रति पहले उपलब्ध करा दी जाए और साथ ही जिन मुद्दों पर चर्चा करनी है वह पहले ही सुनिश्चित कर लिया जाए और कितने समय में होनी है अगर नाम की कोई पट्टी दी गई है तो उसमें पहले और आखिरी नाम का उल्लेख करना चाहिए। मीटिंग में शिरकत से पहले यह जानकारी हासिल कर लीजिए कि उनमें कौन-कौन भाग ले रहा है एजेंडा समेत उन सभी चीजों को पढ़ लीजिए जो आपको उपलब्ध कराई गई है। आप औपचारिक वेशभूषा पहन सकते हैं और हमेशा आपके जूते में चमक होनी चाहिए इससे भी बहुत फर्क पड़ता है।

किसी बैठक में जाते हैं तो वहां कभी देर से या फिर ज्यादा जल्दी ना जाए आप व्यवस्था में बैठे सभी सहयोगियों से हाथ मिलाइए और उन्हें अपना परिचय दीजिए आप कभी कुर्सी पर झुककर मत बैठे हमेशा सीधे बैठे। आप हमेशा सतर्क रहिए आपका भी हाथ बांधकर ना बैठिए क्योंकि यह आक्रामक व्यवहार का प्रतीक होता है।

जब आप किसी मुद्दे पर बात कर रहे हो तो पहले सोचिए उसके बाद संक्षेप और मुद्दे पर बोले अगर सामने वाला कोई व्यक्ति बोल रहा है तो उसके बीच में बाधा ना डालें सामने वाले व्यक्ति को अपनी बात पूरी कर लेने दीजिए। उसके बाद आप बोलिए लंबी बैठक में आमतौर पर नाश्ता की व्यवस्था होती है लेकिन यदि नाश्ता नहीं दिया गया तो उसकी मांग ना करें।

यदि आप किसी लंबी बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं तो बीच में ब्रेक दीजिए जिस किसी को वॉशरूम जाना हो या फिर कॉल पर बात करनी है तो वह कर सके बैठक होने के बाद योग्य लोगों की सराहना करना ना भूलिए साथ ही बैठक में भाग लेने वाले सभी व्यक्तियों का आभार व्यक्त करें।

निष्कर्ष

अंततः, व्यक्तित्व विकास एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जो व्यक्ति के सोचने, बोलने, व्यवहार करने और परिस्थितियों का सामना करने के तरीके को बेहतर बनाती है। एक अच्छा व्यक्तित्व केवल बाहरी सुंदरता या आकर्षक पहनावे से नहीं बनता, बल्कि आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, अच्छा व्यवहार, प्रभावी संवाद, अनुशासन और दूसरों के प्रति सम्मान जैसे गुणों से बनता है।

व्यक्तित्व विकास के लिए व्यक्ति को सबसे पहले अपनी कमजोरियों और खूबियों को पहचानना चाहिए। अपनी गलतियों से सीखना, समय का सही उपयोग करना और नई चीजें सीखने की आदत विकसित करना व्यक्तित्व को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके साथ ही, स्पष्ट रूप से अपनी बात रखना, दूसरों की बात ध्यान से सुनना और कठिन परिस्थितियों में शांत रहना भी एक प्रभावशाली व्यक्तित्व की पहचान है।

आत्मविश्वास व्यक्तित्व विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जब व्यक्ति स्वयं पर विश्वास करता है, तो वह चुनौतियों का सामना अधिक सकारात्मक तरीके से कर पाता है। हालांकि, आत्मविश्वास के साथ विनम्रता बनाए रखना भी आवश्यक है। दूसरों का सम्मान करना और उनके विचारों को समझना व्यक्ति के व्यक्तित्व को और अधिक प्रभावशाली बनाता है।

इस प्रकार, व्यक्तित्व विकास केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षा, करियर, सामाजिक जीवन और रिश्तों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि व्यक्ति नियमित रूप से अपने ज्ञान, व्यवहार, संचार कौशल और सोच में सुधार करने का प्रयास करे, तो वह अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। इसलिए, बेहतर व्यक्तित्व का निर्माण एक दिन का काम नहीं, बल्कि निरंतर सीखने, सुधारने और आगे बढ़ने की यात्रा है।

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