भारत देश में ओणम का त्यौहार मनाया जाने वाला एक प्रसिद्ध त्यौहार है जो विशेष रूप से केरल राज्य में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है इस दिन लोग अपने घर की सफाई करते हैं अपने घर को फूलों से सजाते हैं और इस त्यौहार पर पारंपरिक वस्त्र पहनते हैं ओणम का त्योहार भारत देश में धार्मिक दृष्टि के रूप में नहीं बनाया जाता बल्कि यह केरल राज्य की संस्कृति कृषि और परंपरा का प्रतीक होता है यह त्योहार मुख्य रूप से फसल उत्सव के रूप में मनाया जाता है

ओणम क्या होता है
भारत देश में ओणम का त्यौहार मुख्य रूप से मलयालम कैलेंडर के चिंगम महीने में मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्यौहार होता है यह त्योहार अगस्त या सितंबर के महीने में आता है यह त्यौहार लगभग 10 दिन तक चलता है जिसमें अलग-अलग दिन का विशेष रूप होता है इस त्यौहार में अथम से लेकर थिरुवोनम तक के दिन को अति महत्वपूर्ण माना जाता है
भारत देश में ओणम के त्यौहार वाले दिन लोग अपने गांव और शहरों को अच्छे से सजाते हैं सभी नए वस्त्र पहनते हैं और अपने घरों में रंगोली बनाते हैं सभी लोग अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर इस त्यौहार को मानते हैं इससे वहां का वातावरण बहुत सुंदर दिखाई देता है
भारतीय देश में ओणम का सांस्कृतिक महत्व
भारत देश में ओणम का त्यौहार सभी लोगों को एक साथ मिलाता है सभी लोग आपसी प्रेम भाईचारे के साथ इस त्यौहार को बनाते हैं ओणम के दौरान सभी लोग जाति धर्म और भेदभाव से ऊपर उठकर इस त्यौहार में भाग लेते हैं
ओणम का त्यौहार किसानों के लिए बहुत खुशी का त्यौहार होता है क्योंकि यह त्योहार नई फसल और कृषि के साथ जुड़ा होता है सभी लोग अच्छी फसल के आभार व्यक्त करने की भावना को ओणम की परंपराओं में देखा करते हैं
ओणम का क्या इतिहास रहा है
भारत देश में ओणम का त्यौहार राजा महाबली की सबसे प्रसिद्ध कथाओं से जुड़ा है वह केवल के सबसे महान और लोकप्रिय राजा थे केरल की प्रजा उन्हें बहुत पसंद करती थी क्योंकि वह दयालु और न्याय प्रिय राजा थे
के लोगों का मानना है कि राजा महाबली के शासनकाल में सच में सबसे ज्यादा सुख शांति रहित है राजा महाबली के कारण देवताओं को भी डर का सामना करना पड़ा था
भगवान विष्णु वामन के रूप में राजा महाबली के पास गए थे उन्होंने राजा महाबली से तीन पग भूमि मांगी थी राजा महाबली ने उन्हें हंसते-हंसते तीन पग भूमि दे दी इसके बाद भगवान विष्णु ने अपना विशाल रूप धारण किया और दो पग में पूरी पृथ्वी नाप डाली जब तीसरे पग के लिए जगह नहीं मिली तो राजा महाबली ने अपना सर प्रस्तुत कर दिया
ओणम के 10 दिन में क्या-क्या होता है
इस त्यौहार की शुरुआत अथम से होती है और थिरुवोनम इसका सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है इस दिन लोग अपने घरों में फूलों की रंगोली बनाते हैं और अलग-अलग दिन इनमें नए-नए फुल जोड़कर इसको सुंदर बनाया जाता है थिरुवोनम वाले दिन इसे बहुत बड़ा और विशाल बनाया जाता है
पुक्कलम की परंपरा क्या होती है
पुक्कलम की परंपरा में लोग अपने घरों में फूलों की रंगोली बनाते हैं और परिवार के सभी सदस्य एक साथ मिलकर विभिन्न प्रकार के फूलों से सुंदर डिजाइन बनाते हैं परिवार के सभी लोग बच्चे और बूढ़े मिलकर इस परंपरा में भाग लेते हैं कई जगह बुक कलाम की प्रतियोगिता भी मनाई जाती है जो खुशी का प्रतीक माना जाता है
ओणम के त्योहार पर विशेष रूप से भोजन तैयार किया जाता है यह पारंपरिक भोजन केले के पत्तों पर भरोसा जाता है इसमें कई प्रकार के शाकाहारी भोजन शामिल होते हैं इस भोजन में आमतौर पर सांभर थोरन कुटू चावल पचड़ी खिचड़ी कई प्रकार के पापड़ और आचार दिए जाते हैं जब भोजन खत्म हो जाता है तो विशेष रूप से पायसम दिया जाता है
भारत देश में ओणम का त्यौहार मतलब भोजन करना नहीं होता बल्कि पूरे परिवार के साथ बैठकर खुशियां बांटने की परंपरा भी होती है
वल्लम कली क्या होता है
ओणम त्योहार की परंपरा में वल्लम कली एक परंपरा होती है जिसे नाव दौड़ भी कहते हैं जिसमें एक लंबी नाव होती है उसमें बहुत सारे लोग एक साथ बैठते हैं और उसे नाव को चलाते हैं सभी लोग तालमेल और गति के साथ उसे नाव को आगे बढ़ते हैं केरल में यह नाव दौड़ बहुत पुरानी परंपरा है इसे देखने के लिए लोग दूर-दूर से एकत्रित होते हैं
केरल का प्रसिद्ध नृत्य
ओणम त्योहार के दौरान केरल में विभिन्न प्रकार के नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम करवाए जाते हैं कथकली तिरुवातिराकली और कई प्रकार की कलाएं ओणम त्योहार को बहुत ही ज्यादा आकर्षित बनती है केरल में महिलाएं अक्सर पारंपरिक केरल साड़ी पहनती है जो देखने में बहुत सुंदर दिखाई देती है जबकि पुरुष पारंपरिक मुंडू पहनते हैं
ओणम हमें क्या संदेश देता है
औरंगजेब केरल राज्य में नहीं बल्कि अन्य राज्यों में भी बनाया जाता है मलयाली समुदाय के लोग इसे मुख्य रूप से बनाते हैं स्कूलों कॉलेजों में और अन्य जगह पर ओणम से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करवाए जाते हैं