पर्सनैलिटी डेवलपमेंट
भोजन के तौर तरीके किस तरह किए जाते हैं
एक अच्छे भोजन के लिए हमें छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना चाहिए जैसे डाइनिंग टेबल पर आमतौर पर टेबल पर एक फुल प्लेट एक छोटी प्लेट एक कटलरी जिसमें आप एक चाकू एक फोर्क एक चम्मच और पीने के पानी के लिए एक गिलास शामिल कर सकते हैं। यदि आपके पास एक मोनोग्राम होता है उसे लगाना जरूरी है। चाकू और चमक दाहिनी और रखे जाते हैं तथा प्लेट के बाई तरफ और बड़ी प्लेट और छोटी प्लेट के बीच में रखें जाते हैं।
औपचारिक रूप से जब खाने में कई प्रकार के व्यंजन होते हैं तो टेबल पर सामने की तरफ क्रॉकरी और कटलरी रखी होती है। जिस प्रकार का खाना हो खाने के पास इस प्रकार की कटली रखना चाहिए और खाने के हिसाब से प्लेट रखनी चाहिए। प्लेट के ऊपर रखी क्रोकरी को डेजर्ट या फिर फल के लिए उठाना चाहिए। आपको खाने के हिसाब से अपने मेहमान को वह सारी चीज उपलब्ध करानी चाहिए जो उनको जरूरत हो मामले में सबसे अच्छा तरीका यह होता है कि आप अपने मेजबान जो कुछ कर रहा होता है उसका अनुसरण करते रहिए मौके पर एक मेनू को छाप कर रखिए वह थोड़ी-थोड़ी दूरी पर उसको रख दीजिए।

नैपकिन
खाने की टेबल पर नैपकिन रखा हुआ जरूरी होना चाहिए नैपकिन हाथ पहुंचने के लिए नहीं होता बल्कि इस प्रकार इस्तेमाल करें जिससे आपके कपड़े गंदे ना हो इसे आप अपने कपड़ों के ऊपर बढ़ सकते हैं आप नैपकिन का इस्तेमाल अपने होठों को साफ करने के लिए कर सकते हैं या फिर अगर आपको छींक आ रही है तो आप थोड़ा दूर जाकर नैपकिन का इस्तेमाल कर सकते हैं
अगर आपके सामने नैपकिन रखा हो तो आप उसे अपने गले में मत बंधीय आप उसे अपनी गोद पर बिछाइये नैपकिन को आप अपनी गोद में धीरे से फैलाइए अगर आपको खाने के बीच में उठना पड़ रहा है तो आप नैपकिन को कुर्सी पर रख दीजिए अगर आपने खाना समाप्त कर लिया है और आप टेबल से उठ रहे हो तो नैपकिन को वही साइड में रख दीजिए कृपया उसे वापस फोल्ड लगाकर मत रखिए
टेबल पर किस प्रकार से बैठा जाता है
आप टेबल पर बिल्कुल शांत बैठिए कुर्सी को बाहर की तरफ मत कीजिए बल्कि उसे उठाकर धीरे से खिचिये अपनी कोनियों को टेबल से दूर रखी है। जब आप खाना नहीं खा रहे हैं तो आप अपने हाथों को गोद में रख सकते हैं।
जब आप खाना खाते हैं तो उसे अच्छी तरीके से खाना चाहिए। खाना खाते समय खाने को जल्दी-जल्दी नहीं चबाना चाहिए खाने को आराम आराम से चबाना चाहिए और उसे आराम से निकलना चाहिए।
खाना खाने के बाद पानी पीते समय मुंह से गंदी गंदी आवाज नहीं निकालनी चाहिए खाना खाने के बाद आपको डकार आती है तो आप नैपकिन को लीजिए और एक्सक्यूजमी बोलकर साइड में चले जाइए खाना खाते समय आपको बात नहीं करनी चाहिए। आपके सामने वाले से उस समय बात करनी चाहिए जब आप बात करने की स्थिति में हो। आप खाने की टेबल पर मुंह खोलकर मत बैठे कृपया अपना मुंह बंद करके बैठना चाहिए।
अगर आप खाते समय टॉस ले रहे हैं तो कृपया उसे एक हाथ से पकड़िए और दूसरे हाथ से मक्खन या जेम लगाइए। जब आप पार्टी में खाना खाते हो तो आप दूसरों के साथ अपनी स्पीड बना कर चलिए ऐसा ना हो कि सब खाना खाकर चले जाए और आप खाना खाते रह जाए।
इसी के साथ अगर आप टेबल पर बैठकर खाना खा रहे हैं और आपके साथ में कोई खाना खा रहा है तो आप उससे बीच-बीच में बातचीत करते रहिए खाने के समय यदि परिचारक आपका खाना लेकर आ रहा है तो उनको ज्यादा इंतजार मत करवाइए खाना उठाने में आप उनकी मदद करिए। अगर आपको किसी बेटर को बुलाना हो तो ज्यादा तेज आवाज में मत बुलाए।
अगर आपके दांतों में कुछ फस जाता है तो कृपया वहीं पर निकालने की कोशिश ना करें। आप एक्सक्यूजमी बोलकर वॉशरूम की तरफ जाइए और वहीं पर आपके दांतों में जो कुछ फसा है उसे निकालिए।

पार्टी में आप चाहे सूप पी रहे हो या पानी उसे सही तरीके से पीना चाहिए। सुप या पानी पीते पीते गंदी गंदी आवाज नहीं निकालनी चाहिए उसे शांत तरीके और तहजीब के साथ पीना चाहिए।
निष्कर्ष
खाने के तौर-तरीके हमारे व्यक्तित्व, स्वास्थ्य और सामाजिक व्यवहार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं है, बल्कि यह हमारे शरीर को ऊर्जा और आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है। इसलिए भोजन करते समय सही आदतों और अच्छे तौर-तरीकों का पालन करना बहुत जरूरी है। हमें हमेशा भोजन को अच्छी तरह चबाकर और धीरे-धीरे खाना चाहिए। इससे पाचन तंत्र सही तरीके से काम करता है और भोजन आसानी से पच जाता है।
भोजन करने से पहले हाथों को अच्छी तरह धोना स्वच्छता की दृष्टि से आवश्यक है। हमें साफ-सुथरे स्थान पर बैठकर भोजन करना चाहिए और भोजन को बर्बाद करने से बचना चाहिए। भोजन करते समय बहुत अधिक बातचीत करना, मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना या टीवी देखने जैसी आदतों से बचना चाहिए। इससे हमारा ध्यान भोजन पर रहता है और हम आवश्यकता के अनुसार ही भोजन करते हैं।
संतुलित आहार भी अच्छे खाने के तौर-तरीकों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमारे भोजन में हरी सब्जियां, फल, दालें, अनाज, दूध या उससे बने पदार्थ तथा पर्याप्त मात्रा में पानी शामिल होना चाहिए। अत्यधिक तला-भुना, बहुत अधिक मीठा और जंक फूड खाने से बचना चाहिए। भोजन का समय भी नियमित रखना चाहिए और देर रात भारी भोजन करने से बचना चाहिए।
अच्छे खाने के तौर-तरीके हमें स्वस्थ और अनुशासित जीवन जीने में सहायता करते हैं। साथ ही, भोजन के दौरान दूसरों के प्रति सम्मान और शिष्टाचार बनाए रखना हमारे अच्छे संस्कारों को दर्शाता है। इसलिए हमें बचपन से ही स्वच्छता, संतुलित आहार, संयम और शिष्टाचार के साथ भोजन करने की आदत विकसित करनी चाहिए। सही खान-पान और अच्छे तौर-तरीके अपनाकर हम स्वस्थ शरीर, शांत मन और बेहतर जीवन की ओर आगे बढ़ सकते हैं।
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